बीते उमीदों का एक मुकाम हो, तुम

बीते इतिहास की नई कहानी हो,

तुम बीते उमीदों का एक मुकाम हो,

तुम साइकिल की टोर्च से, एम्बुलेंस की लाल बत्ती का सफर हो,

तुम हजारो संघर्षों का परिणाम हो,

तुम बुझी आश का विश्वाश हो,


तुम टूटी चप्पल

कापते होठों की मुस्कान हो,

तुम अंधेरे मे जलने वाले दीपक की रोशनी हो,

तुम कुछ खट्टी- मिट्टी बातो का एक मशाल हो,

तुम निरंतर चलता रहे, हजारो दुआओ को साथ लेकर बीते इतिहास की नई कहानी हो, तुम।

बीते उमीदों का एक मुकाम हो, तुम।।

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In my first job in Shaheed Hospital as a freshly graduated medical doctor, life was rewarding experiences that were pulling my heart in all directions; not always in a gentle way. But they were worth